वो कहता है हार जाएगा तू
मेरा मानना है हार से ही तो जीत का रास्त मिलेगा
बस साहस करना है मुझे एक कदम उठाने का
लोग तो कहते हैं और कहते ही रहेंगे
जंगल घना हैं तो कल्लर उतना ही शानदार होगा
मुझे तो बस चलना है अपनी पीठ पर हिमालय लाद कर
लोग तो कहेंगे तो कहने दो पागल हैं वे
मैं वो युग हूं जो शुरु है
अंत किसने देखा है
यहां तो प्रारंभ की जरुरत है। और मैं वहीं कर रहा हूं।
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Thursday, July 23, 2009
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